वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया। इनमें 25 चारपहिया और 62 दोपहिया वाहन शामिल हैं। इनका उपयोग दुर्घटना बाहुल्य जिलों में यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन और सड़क सुरक्षा मानकों की निगरानी में किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी हुआ। साथ ही अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले 16 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक और 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में वैचारिक चिंतन, वीरता और तकनीक का समन्वय देखने को मिला। उन्होंने कीर्ति चक्र से सम्मानित दिवंगत निरीक्षक सुनील कुमार को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि सुनील कुमार को मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराने के बाद गोली लगी थी और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके स्वजन को भी सम्मानित किया गया।
योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार प्रदेश में प्रतिवर्ष करीब 23 से 24 हजार लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु होती है। तकनीक के इस्तेमाल और प्रभावी निगरानी से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस सुधारों के साथ तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सभी 75 जिलों में जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू की गई है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 7.89 प्रतिशत, मृतकों में 9.08 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.19 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। इस अवधि में 1,100 से अधिक जीवन बचाने का दावा किया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।