वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। चक्रवाती मौसम और भारी बादलों के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे जिलों में 25 से 27 सितंबर तक सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को हाई अलर्ट पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने गांव स्तर तक मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा है, ताकि समय रहते लोगों को संभावित खतरे से अवगत कराया जा सके। राहत और बचाव दलों को तैयार रखने के साथ विद्युत आपूर्ति के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को भी दुर्घटना अथवा जनहानि की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। जलभराव की आशंका वाले इलाकों में नगर निकायों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। खतरनाक जलभराव वाले स्थानों पर जरूरत के अनुसार घेराबंदी और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के जवानों की तत्काल मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं।
हाई अलर्ट वाले जिलों में प्रयागराज, कौशाम्बी, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, बस्ती, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, बदायूं, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और अंबेडकरनगर शामिल हैं।
प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर किसी भी संभावित खतरे की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।