वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। नशे के खिलाफ जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार की मुहिम में अब सरकारी तंत्र के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है। इसी क्रम में शनिवार को जन भवन से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत साइकिल रैली निकाली गई। रैली में जन भवन के करीब 150 कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देशन में निकली साइकिल रैली जन भवन से रवाना होकर लखनऊ के विभिन्न वार्डों से गुजरते हुए पुन: जन भवन पहुंचकर समाप्त हुई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। विभिन्न पड़ावों पर लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी दी गई और नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया गया।
साइकिल रैली के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया। कार्मिकों ने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। सड़क से गुजरती रैली ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नशामुक्त समाज के संकल्प को मजबूत किया।
राज्य मद्यनिषेध अधिकारी आरएल राजवंशी ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। साइकिल रैली के जरिए जनसामान्य तक यह संदेश पहुंचाया गया कि नशामुक्त समाज के निर्माण में हर नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में राज्यपाल के विशेष कार्य अधिकारी सुधीर एम. बोबड़े, पार्षद नागेंद्र चौहान, पार्षद अमित चौधरी समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।