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जहां सड़क नहीं थी पगडंडी भी नहीं थी वहां आकाशवाणी था : मुख्यमंत्री

– भाषा की शुद्धता आकाशवाणी के उद्द्घोषकों से सीखने को मिलता था : मुख्यमंत्री
– मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस और सांस्कृतिक संध्या समारोह को सम्बोधित किया
– आकाशवाणी लखनऊ और प्रसार भारती ने अपनी नींव के पत्थरों का स्मरण किया, इसके लिए वह बधाई के पात्र : मुख्यमंत्री
– ‘भरत चले चित्रकूट’ के साथ आकाशवाणी के प्रातःकालीन कार्यक्रमों की शुरुआत होती थी : मुख्यमंत्री
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी से प्रसारित समाचारों में गुणवत्ता, भाषा की शुद्धता और सत्यता का समावेश होता है, जो इसे विश्वसनीय बनाता है। मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस एवं सांस्कृतिक संध्या समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियों और वरिष्ठ प्रसारकों को भी सम्मानित किया।
उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल 1938 को तत्कालीन प्रीमियर पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त द्वारा आकाशवाणी लखनऊ केंद्र का शुभारंभ किया गया था और इसकी पहली धुन ‘वन्दे मातरम्’ थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी ने गांव-शहर के बीच संवाद का सशक्त सेतु बनकर कार्य किया है। भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली और कुमाऊंनी जैसी बोलियों के माध्यम से इसने स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया। ‘भरत चले चित्रकूट’ जैसे कार्यक्रमों ने लोगों के जीवन में गहरी छाप छोड़ी।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन तक, आकाशवाणी देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। आज भी यह कलाकारों, किसानों, युवाओं और साहित्यकारों को मंच प्रदान कर समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में डॉ0 विद्या विन्दु सिंह का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। हृदय नारायण दीक्षित एक अच्छे साहित्यकार तथा राजनेता के रूप में ख्यातिलब्ध हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉ0 मंसूर हसन, के0जी0एम0यू0 की कुलपति प्रो0 सोनिया नित्यानन्द, एस0जी0पी0जी0आई0 के निदेशक डॉ0 आर0के0 धीमन, डॉ0 सुनील प्रधान तथा लोकगायन में मालिनी अवस्थी, रंगमंच के क्षेत्र में डॉ0 अनिल रस्तोगी, पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा, जनपद बाराबंकी के प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा सहित यहाँ सम्मानित अन्य विभूतियों ने विशिष्ट योगदान दिया है। इसके साथ ही आकाशवाणी के वरिष्ठ प्रसारक लाब चन्द्र, सुशील रॉबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पण्डित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, हरीश सनवाल, भोलानाथ, केवल कुमार को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है।
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी तथा आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव जैन ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
ज्ञातव्य है कि आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पद्म पुरस्कारों से अलंकृत हृदय नारायण दीक्षित, डॉ0 विद्या विन्दु सिंह, डॉ0 मंसूर हसन, प्रो0 सोनिया नित्यानन्द, श्रीमती मालिनी अवस्थी, सुश्री अरुणिमा सिन्हा, डॉ0 राधा कृष्ण धीमन, डॉ0 अनिल रस्तोगी, रामसरन वर्मा, डॉ0 सुनील प्रधान, डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद, डॉ0 एस0एस0 सरकार, डॉ0 के0के0 ठकराल, डॉ0 नवजीवन रस्तोगी, प्रो0 शादाब मोहम्मद, सुश्री सुधा सिंह को सम्मानित किया गया। साथ ही, कार्यक्रम में सम्मानित किए गए आकाशवाणी लखनऊ से जुड़े वरिष्ठ प्रसारकों में श्री गुलाब चन्द, सुशील रॉबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पण्डित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, हरीश सनवाल, भोलानाथ, केवल कुमार शामिल थे।

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