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मानवता का सबसे पावन स्वरूप: बृज की रसोई ने आशियाना में फैलाया सेवा-संदेश

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। प्रेरणास्रोत परम पूज्य बाबा नीम करौली जी की कृपा से प्रेरित इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) के सेवा प्रकल्प ‘बृज की रसोई’ के अंतर्गत रविवार शाम आशियाना क्षेत्र के विभिन्न चिन्हित स्थलों पर निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा कार्य की शुरुआत साईं मंदिर, आशियाना से हुई, जिसके बाद टीम ने सेक्टर–एम रिक्शा कॉलोनी, रतन खंड पार्क, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के आसपास की झुग्गी–झोपड़ी बस्तियों, निर्माणस्थलों पर कार्यरत श्रमिक परिवारों के अस्थायी आवासों, नगर निगम जोन–8 की मलिन बस्तियों और रतन खंड पानी टंकी क्षेत्र तक पहुँचकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था से जुड़े स्वयंसेवकों ने गरीब परिवारों, बच्चों, महिलाओं एवं श्रमिक वर्ग के लोगों को स्नेहपूर्वक भोजन परोसा। पूरे वितरण कार्य में स्वच्छता, पोषण और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने कहा कि बृज की रसोई केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और प्रेम का जीवंत संदेश है। उनका कहना था कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी संवेदना का थोड़ा-सा अंश भी बाँट दे, तो कोई व्यक्ति भूख से पीड़ित नहीं रहेगा।
संजय श्रीवास्तव ने बताया कि सेवा का यह कारवाँ हर रविवार को इसी निष्ठा के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि संस्था का संकल्प स्पष्ट है—जब तक भूख है, सेवा निरंतर जारी रहेगी। स्वयंसेवक दीपक भुटियानी ने कहा कि सेवा दान मात्र नहीं, बल्कि मानवता के प्रति उत्तरदायित्व का उत्सव है। नवल सिंह ने बताया कि अभियान अब समाज के हर वर्ग तक पहुँचने का मजबूत माध्यम बन चुका है। दिव्यांश शर्मा ने लोगों से अपील की कि इस अभियान से जुड़कर वे न केवल जरूरतमंदों की सहायता करेंगे, बल्कि आत्मिक सुख और संतोष का अनुभव भी प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, अनुराग दुबे, हीरा सिंह, नवल सिंह, मुकेश कनौजिया, उमाशंकर यादव और दिव्यांश शर्मा सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
अभियान के समापन पर स्वयंसेवकों ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ का सामूहिक उच्चारण करते हुए यह संकल्प दोहराया कि जब तक किसी एक भी व्यक्ति के चेहरे पर भूख की पीड़ा है, तब तक बृज की रसोई अपनी सेवा इसी प्रकार निरंतर करती रहेगी।

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