– दो दिवसीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला का शुभारंभ
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्वरैया सभागार में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु के आंकड़ों को कम करने के लिए जन जागरूकता सबसे अहम है। यदि आमजन अपनी दिनचर्या में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा नियम बनाए जा रहे हैं और उनका सख्ती से अनुपालन भी कराया जा रहा है। दोपहिया वाहनों की बिक्री के समय डीलर पॉइंट पर दो हेलमेट अनिवार्य किए गए हैं। इसके साथ ही ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ का नियम भी लागू है, लेकिन अपेक्षित परिणाम जन जागरूकता के अभाव में अभी नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने दुपहिया वाहन चालकों से स्वयं हेलमेट पहनने और पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाने की अपील की। चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के उपयोग, ओवर स्पीडिंग और ड्रंक एंड ड्राइविंग से बचने का आग्रह किया।
दयाशंकर सिंह ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर छूट न दी जाए। ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित नियमों को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एक्सप्रेस-वे पर होल्डिंग एरिया, डारमेट्री और प्रत्येक 100 किलोमीटर पर ट्रामा सेंटर स्थापित करने पर विचार करने की आवश्यकता जताई।
अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही संभव है। वहीं प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान और परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर विभागीय प्रयासों और जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।