वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ से सुल्तानपुर तक फैले 127 किलोमीटर लंबे एनएच-56 के फोरलेनिंग का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एनएचएआई द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मोड पर कराए गए इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 2016 करोड़ रुपये रही। यह मार्ग लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी और सुल्तानपुर जिलों से होकर गुजरता है। परियोजना के तहत एक बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, एक आरओबी, 259 कलवर्ट, 10 अंडरपास, 113 जंक्शन और सात बायपास का निर्माण किया गया।
प्रोजेक्ट की शुरुआत कई चुनौतियों के बीच हुई। कुल 686 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता थी, जबकि प्रारंभ में केवल 337 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो सकी। भूमि अधिग्रहण, वन कटाई में देरी और निर्माण संबंधी अड़चनों के कारण कार्य प्रभावित होने लगा। चार जिलों के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में समयबद्धता बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया था। 25 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई PRAGATI बैठक में इस परियोजना की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य सरकार को शेष भूमि के शीघ्र अधिग्रहण और मुआवजा वितरण के निर्देश दिए गए। इसके बाद जिला स्तर पर अधिग्रहण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आई। एनएचएआई ने संसाधन बढ़ाए और निर्माण कार्य को गति दी।
परिणामस्वरूप 30 अप्रैल 2019 को परियोजना शत-प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ पूरी कर ली गई। फोरलेन मार्ग के चालू होने से लखनऊ और सुल्तानपुर के बीच यात्रा समय घटा है। बाराबंकी और अमेठी के कृषि उत्पादों की मंडियों तक पहुंच आसान हुई है। बायपास बनने से कस्बों में जाम कम हुआ, सड़क सुरक्षा में सुधार आया और क्षेत्र में व्यापार, उद्योग व रोजगार को नई गति मिली है।