वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। सुशासन दिवस के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब लखनऊ में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अटल जी की जयंती के परिप्रेक्ष्य में बुधवार को संस्थान के बुद्धा सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के मार्गदर्शन में तथा प्र. अपर निदेशक सुबोध दीक्षित की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें संस्थान के समस्त अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्र. अपर निदेशक सुबोध दीक्षित द्वारा अटल बिहारी वाजपेई के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने क्रमबद्ध रूप से पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर सुशासन के अंतर्गत निहित मूल्यों और सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए सभी को शपथ भी दिलाई गई। वैचारिक संगोष्ठी के दौरान अधिकारियों एवं प्रमुख कर्मचारियों ने सुशासन दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे। सुबोध दीक्षित ने कहा कि सुशासन की अवधारणा ऐसी व्यवस्था से जुड़ी है, जिसमें सरकार और संस्थाएं जनता के प्रति पारदर्शी, जवाबदेह, कुशल और प्रभावी हों। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और नैतिकता के आधार पर कार्य करते हुए संसाधनों का समुचित प्रबंधन और जनकल्याण सुनिश्चित करना ही सुशासन का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सुशासन के प्रमुख सिद्धांतों में पारदर्शिता, जवाबदेही, जनसहभागिता, कानून का शासन, कुशलता, समानता और समावेशिता शामिल हैं, जिनमें जनसहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक राजीव कुमार दूबे ने किया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।