वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी में आयोजित ‘यूपी सीएसआर राउंडटेबल 2025’ में कौशल विकास और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से आयोजित इस परामर्श सत्र में देश की 30 से अधिक अग्रणी कंपनियों, फाउंडेशनों और संस्थानों ने भाग लिया। राज्य में युवा शक्ति को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार की यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभाग कौशल शिक्षा को मजबूत बनाने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर लगातार काम कर रहा है। प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने कहा कि सरकार जिला और ब्लॉक स्तर तक प्रशिक्षण अवसंरचना को आधुनिक बनाने, स्मार्ट लैब्स स्थापित करने और उद्योग-संलग्न पाठ्यक्रम विकसित करने की दिशा में व्यापक सुधार लागू कर रही है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि सीएसआर आधारित सहयोग से डिजिटल कौशल, हरित कौशल, आधुनिक विनिर्माण तकनीक और सेवा क्षेत्र में नए प्रशिक्षण अवसर पैदा होंगे। इससे अपरेंटिसशिप को भी गति मिलेगी और युवा वर्ग सीधे उद्योग जगत से जुड़ सकेगा।
कार्यक्रम में एचसीएल, सीमेंस, टाटा ट्रस्ट्स, रिलायंस फाउंडेशन, एक्सिस बैंक और ह्युंडई सहित प्रमुख कंपनियों ने राज्य में कौशल विकास की संभावनाओं पर सुझाव दिए। अंत में आईबीएम, लेनोवो, सीमेंस और बजाज समूह ने विशेष कौशल परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किए, जबकि जेनरेशन इंडिया फाउंडेशन ने रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।