– यूपी में जल परिवहन का नया अध्याय शुरू करने की तैयारी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन को लेकर नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि जल परिवहन राज्य के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की पहली बैठक में उन्होंने बताया कि देश में चिन्हित 111 वॉटर इनलैंड में से 11 उत्तर प्रदेश में हैं, जो राज्य की जल संपदा और उससे मिलने वाली संभावनाओं को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही जलमार्ग आवागमन का प्रमुख साधन रहा है और अधिकांश बड़े शहर नदियों के किनारे ही बसे हैं। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना का उदाहरण देते हुए कहा कि वे जलमार्ग से कोरिया तक यात्रा कर गई थीं, और उनका जहाज आज भी वहां संग्रहालय में संरक्षित है। प्रदेश में बलिया का सूराहाताल और गोरखपुर का रामगढ़ ताल पर्यटन की दृष्टि से बड़े अवसर प्रदान कर सकते हैं।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जल परिवहन एक प्रभावी विकल्प है क्योंकि इसमें कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि फ्लोटिंग होटल और रेस्टोरेंट की स्थापना से पर्यटन को और बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि यदि व्यक्तिगत रुचि के साथ आगे बढ़ा जाए तो जल परिवहन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है और जल परिवहन इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।