वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित स्टाफ बैठक में आईजीआरएस, साइबर क्राइम, जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट और मिशन शक्ति केंद्र की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में रायपुर में संपन्न डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस की संस्तुतियों को लागू करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराधियों की “कॉस्ट ऑफ कमिटिंग साइबर क्राइम” बढ़ाने के प्रयासों को तेज किया जाए, साथ ही गौ-तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों की वित्तीय लेन-देन की ट्रेल भी विवेचना का हिस्सा बने।
बैठक में बताया गया कि साइबर अपराधों के मामलों में एक सितंबर से सात दिसंबर के बीच Lien प्रतिशत 17 से बढ़कर 24 हो गया है। निर्देश दिए गए कि सभी जनपद अगले माह इसे 40 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य सुनिश्चित करें। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए चौकी स्तर पर जवाबदेही तय करने और जनसुनवाई को अधिक संवेदनशील व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना की समीक्षा में जानकारी दी गई कि पिछले एक माह में सड़क दुर्घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। डीजीपी ने दुर्घटना संभावित मार्गों पर प्रभावी पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। मिशन शक्ति केंद्र के तहत महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने, पुलिस व्यवहार संवेदनशील रखने और काउंसलिंग तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।