वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में 5 से 7 दिसंबर तक 33वीं द्विवर्षीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, जीओसी-इन-सी पश्चिमी कमान एवं कर्नल ऑफ द राजपूत रेजिमेंट, वरिष्ठ सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारी, सभी बटालियनों के कमांडिंग ऑफिसर और सूबेदार मेजर शामिल हुए। सम्मेलन में रेजिमेंट के सामरिक महत्व के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
7 दिसंबर को करियप्पा वॉर मेमोरियल पर भव्य सैन्य समारोह आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। समारोह का वातावरण गर्व और भावनाओं से भर गया। पुष्पांजलि के बाद आयोजित विशेष सैनिक सम्मेलन में कर्नल ऑफ द रेजिमेंट का औपचारिक हस्तांतरण किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही, कमांडेंट आर्मी वार कॉलेज, महू को बैटन सौंपकर उन्हें 19वें कर्नल ऑफ द राजपूत रेजिमेंट का पद संभालने की जिम्मेदारी दी। नव नियुक्त कर्नल ऑफ द रेजिमेंट ने पूर्व कर्नल को उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मान में स्क्रॉल भेंट किया।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सैनिकों के साहस, अनुशासन और उत्कृष्टता की सराहना करते हुए कहा कि राजपूत रेजिमेंट की शौर्यगाथा और कर्तव्यनिष्ठा उसकी सबसे बड़ी पहचान है, जिसे हर सैनिक गर्व के साथ आगे बढ़ा रहा है।