वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। 16 दिसम्बर से खरमास की शुरुआत होने जा रही है, जिसके चलते 52 दिनों तक शुक्र अस्त रहेंगे। इसी वजह से 7 दिसम्बर से विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। पंचांगों के अनुसार यह निषेध अवधि 5 फरवरी 2026 तक चलेगी, जिसके बाद एक बार फिर शुभ विवाह मुहूर्त शुरू होंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वर्ष 2026 में चातुर्मास, खरमास और गुरु-शुक्र के अस्त होने की अवधि को छोड़कर शेष महीनों में पर्याप्त शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। इसके चलते आने वाला वर्ष विवाह कार्यक्रमों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। पंचांगों के अनुसार नया वर्ष मांगलिक आयोजनों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है।
2026 के प्रमुख विवाह मुहूर्त
फरवरी में 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21 को शुभ योग बन रहे हैं। मार्च में 7, 8, 9, 11 और 12 को विवाह योग्य तिथियां हैं। अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 को मांगलिक कार्य संपन्न हो सकेंगे। मई में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14, जबकि जून में 21 से 29 तक लगातार शुभ तिथियां पड़ रही हैं। जुलाई में 1, 6, 7, 11 और 12 को विवाह मुहूर्त रहेंगे। वर्ष के अंतिम महीनों में भी शुभ योग बनेंगे—नवम्बर में 21, 24, 25, 26 तथा दिसम्बर में 2, 3, 4, 5 और 6 को विवाह संपन्न किए जा सकेंगे।