वेब वार्ता ( न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। फार्मा रत्न–2025 सम्मान समारोह अंतरराष्ट्रीय फार्माकोलॉजी सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें औषधि विज्ञान के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। फार्मेसिस्ट फेडरेशन की राष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति की संस्तुति पर तथा विश्वविख्यात वैज्ञानिक और ऑर्डर ऑफ कनाडा से सम्मानित प्रो. नरंजन एस. ढल्ला की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किए गए। स्वर्गीय प्रो. मंजीत सिंह को उनके वैश्विक शोध योगदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जबकि PGIMER चंडीगढ़ के एमेरिटस प्रोफेसर पी.एल. शर्मा और AIIMS कल्याणी के अध्यक्ष प्रो. वाई.के. गुप्ता को चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान में उत्कृष्ट कार्य के लिए फार्मा रत्न–2025 सम्मान दिया गया।
सम्मान समारोह इंडियन फार्माकोलॉजिकल सोसायटी द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित पाँच दिवसीय IPSCON के दौरान संपन्न हुआ। सम्मान फेडरेशन के सलाहकार और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के पैनल, जिनमें प्रो. पी.वी. दीवान, डॉ. शिवप्रकाश और प्रो. हरलोकेश यादव शामिल थे, द्वारा प्रदान किया गया। स्व. प्रो. मंजीत सिंह की ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी श्रीमती मंजीत कौर और सुपुत्र डॉ. अमितोज ने प्राप्त किया।
समारोह में अमेरिका, कनाडा और 15 देशों से आए वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों ने युवा शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान क्षमता, फार्माकोथेरेपी, नैनोमेडिसिन, AI/ML आधारित शोध तथा सटीक चिकित्सा पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में 1500 से अधिक प्रतिनिधि और 300 से अधिक शोधकर्ता शामिल हुए। पाँच दिनों में 100 से अधिक शोध प्रस्तुत किए गए और युवा वैज्ञानिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। सम्मेलन का मुख्य संदेश रहा कि दवा विकास में नवाचार को गति देने के लिए युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन और सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। सम्मान समारोह को प्रो. ढल्ला के अतिरिक्त यूएसए के प्रो देवेंद्र अग्रवाल, पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रेणु विग, आईपीएस अध्यक्ष प्रो बेंज बरुआ, आयोजन समिति के सचिव प्रो अनिल कुमार, डॉ मोहम्मद इदरीश, डॉ आर जे यादव, डॉ संगीता, डॉ विभव, डॉ नीरज, डॉ यति शर्मा , डॉ राहुल वर्मा तथा 15 अन्य देशों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा संबोधित किया गया। फेडरेशन अध्यक्ष सुनील यादव, महासचिव अशोक कुमार तथा वैज्ञानिक विंग के चेयरमैन प्रो. हरलोकेश ने बताया कि कार्यक्रम में 1500 से अधिक डेलीगेट्स और 300 से अधिक आमंत्रित शिक्षक–शोधकर्ता उपस्थित रहे।
बताते चलें कि अब तक के ‘फार्मा रत्न’ सम्मानित होने वालों में स्व. राम उजागर पांडे, प्रो. हरलोकेश नारायण यादव, सुनील कुमार यादव, डॉ. शिवप्रकाश, प्रो. (डॉ.) पी.वी. दीवान, प्रो. मंजीत सिंह (मरणोपरांत), प्रो. पी.एल. शर्मा एवं प्रो. वाई.के. गुप्ता है।