वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में विश्व COPD दिवस और विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह मनाया गया। रेस्पिरेटरी मेडिसिन और फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह की उपस्थिति में किया। उद्घाटन संबोधन में डॉ. सिंह ने श्वसन रोगों और संक्रामक बीमारियों के उपचार में एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के तार्किक उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताया। डॉ. विक्रम सिंह ने अस्पतालों में नीतियों को सुदृढ़ कर दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वैज्ञानिक सत्र में विशेषज्ञ वक्ताओं ने महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। डॉ. ज्योति बाजपेयी (केजीएमयू, लखनऊ) ने COPD प्रबंधन में हाल की चिकित्सीय प्रगतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. सच्चिदानंद तिवारी (एम्स, रायबरेली) ने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग को रोकने और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने वाली रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। वहीं, डॉ. अंकित कुमार (केजीएमयू, लखनऊ) ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बढ़ते खतरे के बीच निमोनिया प्रबंधन को बेहतर बनाने पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वर्मा और फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्पिता सिंह के नेतृत्व में किया गया। आयोजन सचिव के रूप में डॉ. हेमंत कुमार और डॉ. पूजा शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। इस आयोजन ने श्वसन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रोकथाम के लिए दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने में संस्थान की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।