– 2,400 करोड़ से अधिक का बिल कलेक्शन किया
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विद्युत सखी कार्यक्रम ने एक बार फिर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में महिलाओं को आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बना यह कार्यक्रम लगातार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
वर्ष 2020 में शुरू हुए विद्युत सखी कार्यक्रम से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विद्युत वितरण कंपनियों के लिए अब तक 2,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व कलेक्शन किया है। इस मेहनत और सेवा के बदले विद्युत सखियों ने अब तक 33.05 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता और आर्थिक स्वतंत्रता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर 2025 की अवधि के आंकड़ों के अनुसार, बाराबंकी जिले की विद्युत सखी राजश्री शुक्ला शीर्ष स्थान पर रही हैं। उनके बाद अमेठी के जगदीशपुर ब्लॉक की सोनी द्विवेदी दूसरे और रामपुर के स्वार ब्लॉक की मिशार जहां तीसरे स्थान पर रहीं। आगरा के खंदौली ब्लॉक की कुसुमलता चौथे, बाराबंकी के फतेहपुर ब्लॉक की लक्ष्मी देवी पांचवें और स्वार, रामपुर की सविता देवी छठवें स्थान पर रहीं। बागपत की रजनी सातवें, मेरठ के राजपुरा ब्लॉक की संगीता आठवें, बुलंदशहर की गीतारानी नौवें तथा आगरा के फतेहपुर सीकरी ब्लॉक की विनेश दसवें स्थान पर रहीं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर की अवधि में राजश्री शुक्ला ने 28,567 बिलों का कलेक्शन करते हुए 701 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कराई और 7 लाख 54 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया। दूसरे स्थान पर रहीं सोनी द्विवेदी ने 18,416 बिलों के माध्यम से 680 लाख रुपये से अधिक का राजस्व संग्रह किया और 7 लाख 22 हजार रुपये से अधिक का कमीशन प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर रही मिशार जहां ने 19,309 विद्युत बिलों के कलेक्शन से 575 लाख रुपये से अधिक जमा कर 6 लाख 97 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया।