वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बुखारेस्ट / नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद रोमानिया सरकार के आमंत्रण पर भारत-रोमानिया के बीच आर्थिक सहयोग हेतु संयुक्त समिति (JCEC) की 19वीं बैठक में भाग लेने के लिए बुखारेस्ट पहुंचे।
हेनरी कोआंडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए रोमानिया के अर्थव्यवस्था, डिजिटलीकरण, उद्यमिता और पर्यटन मंत्रालय के राज्य सचिव गेब्रियल बोगदान स्टेको तथा विदेश व्यापार विभाग (ARICE) के प्रबंध निदेशक सोरिन मिहाई टोडर उपस्थित रहे।
श्री प्रसाद ने अपनी यात्रा के दौरान श्रम, परिवार, युवा और सामाजिक एकता मंत्री महामहिम श्री पेट्रे-फ्लोरिन मनोले के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कौशल आधारित गतिशीलता और रोजगार के अवसरों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में यह सहमति बनी कि रोमानिया हर वर्ष लगभग 1 लाख गैर-ईयू श्रमिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए 30 हजार कुशल और महत्वाकांक्षी भारतीय पेशेवरों को रोजगार का अवसर देगा। दोनों पक्षों ने कुशल श्रमिकों के सुरक्षित और नियमित प्रवास को सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त गतिशीलता साझेदारी स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में भर्ती, भाषा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, मानकीकृत रोजगार अनुबंधों और नियोक्ता दायित्वों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता और सामाजिक सुरक्षा समझौते की संभावना तलाशने का निर्णय लिया गया।
श्री प्रसाद ने कहा कि भारत, जिसकी औसत आयु 29 वर्ष है, 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। तेजी से विकसित हो रहे भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत-यूरोपीय संघ का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
दोनों देशों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर सहमति जताई, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे और भारत-रोमानिया साझेदारी और भी सशक्त बनेगी।