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विभागीय फोरम सक्रिय करने तथा आयोग की रूकी भर्तियों पर जोर, सीएम से यूनियन ने की वार्ता

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच कर्मचारी समस्याओं, भर्ती, अनावश्यक न्यायिक विवादों पर एक सकारात्मक चर्चा हुई।
ई. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि चर्चा में प्रदेश के अधिनस्थ चयन आयोग? शिक्षा आयोग अदि में चयन प्रक्रिया अत्याधिक धीमी होने का आकड़े सहित पदाधिकारियों ने रखा। श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में 2015 से अब तक काफी रिक्तियॉ कतिपय कारणों से देरी का शिकार हो रही है। वर्ष 2022 में कुल 7 परिक्षाये अधिनस्थ चयन द्वारा सम्पन्न कराई गई। इसी प्रकार 2023 में कुल चार और 2024 में मात्र 6 परीक्षाये सम्पन कराई गई। ऐसी स्थिति में प्रदेश में विभिन्न संवर्ग के 50 प्रतिशत पद रिक्त पड़े है। इनमें कई संवर्ग तो ऐसे है जिनके कारण जमीनी स्तर पर कार्यो का निस्तारण धीमी गति से हो पा रहा है।
ई. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कार्मिकों के न्यायालय से सम्बंधी विवादो को निपटाने के लिए सरकार द्वारा एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई थी जिसमें कर्मचारी प्रतिनिधि के रूप में इं. हरिकिशोर तिवारी को सदस्य तथा इस समिति में उच्च न्यायालय के स्थाई अधिवक्ता को सदस्य नामित किया गया था। लेकिन विभागीय विवाद फोरम नामक इस समिति की बैठके न होने के कारण अनचाहे प्रकरण न्यायालय में चल रहे हैं। इससे सरकार के साथ साथ कार्मिक का धन और समय दोनों बरबाद हो रहा है। जबकि कार्मिक के कई ऐसे प्रकरण जो न्यायाल में चल रहे है जिनकों आपसी समझौते या विभागीय विवाद समाधान फोरम पर निपटाया जा सकता है। बैठक में आउटसोर्सिग, कैशलेस इलाज, पुरानी पेंशन व्यवस्था पर चर्चा की गई। कार्मिकों के लिए अब तक किए जा रहे दस प्रतिशत के अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने तथा साढ़े दस हजार करोड़ रूपये जो पिछली सरकार द्वारा कर्मचारियों के खाते में ना डालकर अन्य मद में लगाए गए थे मुख्यमंत्री जी द्वारा उक्त धनराशि कर्मचारियों के खाते में डलवाने का काम किया है तथा पेंशन में सरकार के अंश को 10ः से बढ़ाकर 14ः करने में महती भूमिका अदा की है।उन्होंने आठवां वेतन को उत्तर प्रदेश में भी तुरंत लागू करने दिया। श्री तिवारी ने इस दौरान यह भी कहा कि अब पेंशन में अन्तिम सुरक्षा और उस पर मंहगाई भत्ता के लिए प्रधानमंत्री जी के साथ बैठक में निर्णय तो दिया गया परन्तु अभी भी कुछ कामियॉ है। उन्हे ठीक कराने हेतु अनुरोध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिषद पदाधिकारियों की बॉतों को सुनने के उपरान्त समस्याओं और जरूरतों का हल निकालने का आश्वासन दिया। इस बैठक पर परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, अपर महामंत्री डा. नरेश, इं. एच.एन. मिश्रा अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव ने वार्ता के उपरान्त बताया कि वार्ता बहुत सकारात्मक रही। मुख्यमंत्री की तरफ से जल्द कुछ अच्छे दिशा निर्देश जारी होने की उम्मीद है।

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