वेब वार्ता ( न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। विश्व धरोहर सप्ताह (19 से 25 नवंबर 2025) के अवसर पर 21 नवंबर को राज्य संग्रहालय लखनऊ और उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में “वैश्विक सभ्यता का केंद्र: भारतीय धरोहर” विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार डॉ. रहीस सिंह ने धरोहर संरक्षण के महत्व पर विस्तृत और प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि धरोहर हमारी संपदा और पहचान है, जो न सिर्फ हमारे अतीत बल्कि वर्तमान और भविष्य की सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाती है। उन्होंने इस विरासत को संरक्षित रखने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
राज्य संग्रहालय की निदेशक डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि संग्रहालय द्वारा धरोहर संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम व्यापक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक श्रीमती रेनू द्विवेदी ने विश्व धरोहर सप्ताह मनाने के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राज्य संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में नेशनल पीजी कॉलेज, खुन खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज सहित कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और इतिहास प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजन में राम विनय, अलशाज फातमी, अनीता चौरसिया, धनंजय राय, प्रमोद कुमार, शशि कला राय, गायत्री गुप्ता, बलिहारी सेठ और राहुल सैनी सहित अनेक शामिल हुए।