वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
प्रतापगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले जिले के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी प्रतापगढ़) के पुरातन छात्रों का साढ़े तीन दशक बाद पुनर्मिलन एक अभिन्न मित्र मिलन समारोह- 2024 के माध्यम से स्थानीय लीला पैलेस में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुरातन छात्रों ने इस समारोह से जिले में एक नई परिपाटी की शुरुआत की है। इस समारोह में देश के कई राज्यों में कोने-कोने से आए जिले के पुरातन छात्रों ने जो सरकारी/ गैर-सरकारी सेवाओं में बड़े बड़े उच्च पदों पर कार्यरत हैं, सफल व्यवसाई हैं या समाज सेवा एवं राजनीतिक क्षेत्र में है सहभागिता किया। सभी पुरातन मित्र पढ़ाई के दशकों बाद मिलने पर गर्मजोशी से गले मिले एवं कुशलक्षेम पूंछ एक दूसरे को बधाइयां दी। समारोह के आयोजक महेंद्र पांडेय ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा के वे जहां भी रहे लेकिन प्रतापगढ़ जिले एवं सहपाठियों से सदैव सम्पर्क बनाए रखने के लिए प्रयत्नशील रहे जिसका परिणाम आज इस समारोह के रूप में फलित हुआ।
समारोह को संबोधित करने वालों में लखनऊ से आए संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के बाद मेडिकल का व्यवसाय शुरू किया। कई दशक पहले पढ़ाई के दौरान क्लास सहपाठी मित्रों को एकाएक अभिन्न मित्र मिलन समारोह में पाकर सभी मित्र गले मिलकर भावुक हो उठे। इफ्तखार बाबी ने सनातन की व्याख्या किया एवं देश में एकता का पैगाम देने की अपील की। अन्य मित्रों ने समारोह रूपी चमन के रंग-बिरंगे फूलों के रूप में मित्रों को परिभाषित करते हुए कहा कि ऐसे दुर्लभ मेल-मिलाप से सभी मित्रों को एक नई ऊर्जा मिली है और ऐसे कार्यक्रम बार बार आयोजित होने चाहिए। कई मित्रों ने अपने संबोधन में कहा कि इन साढ़े तीन दशकों में मिले तो बहुत लोग लेकिन पढ़ाई के दौरान जीआईसी में जो मिले वैसे जल्दी देखने में नहीं आते। जीआईसी प्रतापगढ़ के पुरातन छात्र डॉक्टर अरुण सिंह ने अपने कहा कि इंटर तक जीआईसी में मिले सहपाठियों के साथ पढ़े हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने गर्व की अनुभूति करते हुए बताया कि उनके समय के पढ़े हुए छात्र आज के समय में देश के विभिन्न विभागों में बड़े-बड़े जिम्मेदारी वाले पदों पर सेवाएं से रहे हैं। काशी नारायण मिश्र ने कहा कि आयोजक महेंद्र पांडेय एवं अन्य सहयोगी मित्रों ने 36 वर्षों के बाद पुरातन छात्रों को एक समारोह में इकट्ठा करके पुरानी यादों को लंबी उम्र के इस पड़ाव पर ताजा कर दिया है। जीआईसी के 36 पूर्व इंटर मीडिएट के छात्र रहे प्रमोद कुमार तिवारी, प्रदीप कुमार सिंह सिंधु ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन के झंझावात को दर किनार करते हुए अपने स्वास्थ्य और अपने परिवार अपने मित्र के बारे में जरूर सोचना चाहिए। उन्होंने बेल्हामाई की महिमा का बखान किया प्रतापगढ़ जैसी गंगा जमुना तहजीब कहीं देखने को नहीं मिलती है यह इकलौता जिला है जहां सारे लोग अमन चैन से मिलकर निवास करते हैं।
हेमंत नंदन ओझा मित्रता को जीवन में सबसे बहु मूल्य कहा मजदूर वर्ग की भलाई के लिए अपने किए गए कार्यों को बताए इस समारोह में विचार व्यक्त करने वाले अर्धेन्दु सिंह, अनूप पांडे व्यवसाय, तीर्थ राज, इफ्तिखार खान शिक्षक सतीश सिंह, अरुण प्रताप सिंह, संतोष सिंह, प्रमोद कुमार तिवारी, सरोज पांडेय, विनोद पांडेय, संतोष सिंह, चंद्रकांत त्रिपाठी , भूपेश श्रीवास्तव, मुख्तार अहमद प्रयाग राज, देवांश प्रताप सिंह, विनय सिंह माल गोदाम रोड, ध्रुव जायसवाल, इफ्तिखार अहमद बॉबी, संतोष भगवान संपादक लोक मित्र, हेमंत नंदन ओझा, विनय सिंह जोगापुर, अनिल दुबे, अफरोज जकी, विवेक यादव लखनऊ, श्याम शंकर सिंह, अश्विनी श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह मंगरौरा, अमित श्रीवास्तव, अमित अग्रवाल, अविनाश चंद श्रीवास्तव, संदीप खरे, दीपक खंडेलवाल, विनोद खंडेलवाल, संतोष श्रीवास्तव प्रतापगढ , विवेक शुक्ला, बालकृष्ण गुप्ता, काशी से पधारे हर्ष वर्धन सिंह ने कहा की उन्होंने 9वीं से 12 वीं की पढ़ाई यहीं से की है, वे प्रतापगढ़ की धरती के ऋणी हैं कि शिक्षा और संस्कृति यहां से ग्रहण किया। श्रावस्ती से आए संदीप मिश्रा ने भी अभिन्न मित्र मिलन समारोह के आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की। आईटीआई लि. रायबरेली के राजाराम पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में अपने सफल अध्ययनकाल के अद्भुत संस्मरण साझा किया एवं मनोहर कविताएं भी सुनाई।
चंद्रकांत त्रिपाठी ने कविता पाठ किया, सभा के अन्त में खान-पान की उत्तम व्यवस्था थी, भोजन के बाद सामूहिक फोटो सेशन हुआ एवं कार्यक्रम का समापन किया गया।