वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पीड़ितों को न्याय दिलाना और पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, पुलिस और प्रशासन से संबंधित शिकायतें सामने आईं। मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक मामले में प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। लापरवाही, उदासीनता और अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामलों में उप मुख्यमंत्री ने राजस्व तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कराने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमजोर वर्गों और जरूरतमंदों का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने कई जिलों के उच्चाधिकारियों और शासन के अधिकारियों से फोन पर भी वार्ता की।
श्री मौर्य ने महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों की शिकायतों पर विशेष संवेदनशीलता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है। सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और किसी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।