– 32 आरोपी, 19 गिरफ्तार।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में एसटीएफ ने दुबई में मौजूद कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल समेत चार आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने सिंडिकेट के करोड़ों रुपये के लेनदेन, सप्लाई नेटवर्क और विभिन्न फर्मों के जरिए सिरप की खरीद-फरोख्त से जुड़े साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। दोनों आरोपितों को भारत लाने के लिए गृह एवं विदेश मंत्रालय से पत्राचार किया गया है।
जांच के अनुसार, वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल का नेटवर्क एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में आपूर्ति करता था। आरोप है कि इस कारोबार का विस्तार नेपाल और बांग्लादेश तक था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले वर्ष इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया था।
गौरव संभालता था रकम का हिसाब :
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि सिंडिकेट की रकम के प्रबंधन में गौरव जायसवाल की अहम भूमिका थी। रकम कहां से आएगी, कहां खर्च होगी और किसे कितना कमीशन दिया जाएगा, इसका हिसाब वही रखता था। वहीं, विकास सिंह नर्वे पूर्वांचल में नेटवर्क का संचालन करता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसकी करीब एक दर्जन फर्मों के माध्यम से सिरप की खरीद-बिक्री की जाती थी। चार आरोपितों में अमित जायसवाल भी शामिल है। जांच में उसकी शैली ट्रेडर्स और श्री हरि फार्मा के जरिए करीब दस करोड़ रुपये की सिरप खरीद की पुष्टि होने की बात कही गई है।
एसटीएफ के अनुसार, इस मामले में अब तक 32 आरोपित बनाए गए हैं। इनमें 19 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 14 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। मुख्य आरोपितों में अमित टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक समेत कई लोग जेल में हैं। फरार आरोपितों की तलाश जारी है। दुबई में मौजूद शुभम और गौरव की वापसी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।