वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
चंडीगढ़। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह घटना आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, जिसने पूरे देश और विशेषकर दलित समाज को गहराई से झकझोर दिया है।
श्री सुमन ने कहा कि दलित समुदाय से आने के कारण आईपीएस पूरन कुमार को जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्य सरकार इस पूरे षड्यंत्र में शामिल है और दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया था।
सपा महासचिव ने कहा कि यह घटना भाजपा सरकार में दलितों की स्थिति को उजागर करती है। यदि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो सामान्य दलित कर्मचारियों की स्थिति का अंदाजा लगाना कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और मनुवादी सोच के लोग सत्ता में हैं, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
श्री सुमन ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, तो पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कैसे संभव है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के आसीन न्यायाधीश से कराई जाए।
इस दौरान उनके साथ सपा प्रतिनिधिमंडल के रूप में डॉ. विक्रम यादव, त्रिभुवन राजभर, राधेश्याम यादव, सरदार जोगिंदर सिंह, महेन्द्र यादव, राजनारायण यादव, पंकज यादव सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।