– 10.60 करोड़ की वित्तीय सहायता से समूहों को मिली नई उड़ान
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। “जब नारी सशक्त होती है तो परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है।” यह बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित 11 दिवसीय रीजनल सरस मेले के भव्य समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिलने पर वे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरस मेले में समूहों की बहनों ने सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल शिल्प, अचार-मुरब्बा, लेदर उत्पाद, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, वस्त्र, कालीन, जूट और मूंज उत्पादों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक समूह अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाए और आगे चलकर उन्हें करोड़पति महिला बनाने की दिशा में प्रयास हों।
समारोह में वाराणसी की बीमा सखियों मीना देवी और प्रतिभा देवी तथा लखपति महिलाओं शर्मीला देवी और लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जनपद के 703 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि और 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड के तहत कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। दो समूहों की महिलाओं को ई-रिक्शा भी वितरित किए गए। सर्वाधिक बिक्री के लिए लखीमपुर खीरी को प्रथम और मीरजापुर को द्वितीय पुरस्कार मिला, जबकि गाजीपुर के एक समूह को सर्वश्रेष्ठ स्टाल सजावट के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग विषय पर कार्यशाला भी आयोजित की गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।