वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), लखनऊ परिसर और उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं के संयुक्त प्रयास से जिला कारागार, लखनऊ में मनो-सामाजिक सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का उद्देश्य कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य, मनो-सामाजिक कल्याण, व्यवहार सुधार, पुनर्वास और समाज में पुनः एकीकरण के लिए वैज्ञानिक एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करना है।
केंद्र का उद्घाटन कारागार विभाग के महानिदेशक पीसी मीना ने किया। इस अवसर पर कारागार लखनऊ के उप महानिदेशक डॉ. रामधनी, कारागार प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर की टीम मौजूद रही। परियोजना की शुरुआत आरआरयू लखनऊ परिसर की निदेशक डॉ. मंजरी चंद्रा के निर्देशन में स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
मनो-सामाजिक सेवा केंद्र में निरुद्ध व्यक्तियों की मानसिक और भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने के साथ उनके समाधान के लिए विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकता के अनुसार मनोवैज्ञानिक आकलन, परामर्श, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक नियंत्रण, व्यवहार सुधार और पुनर्वास संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र का उद्देश्य केवल मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से निरुद्ध व्यक्तियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, बेहतर व्यवहार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें सुधार और पुनर्वास के माध्यम से समाज में सम्मानजनक एवं जिम्मेदार जीवन के लिए तैयार करने पर जोर रहेगा।
आरआरयू और उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन की यह पहल कारागारों में वैज्ञानिक, व्यवस्थित और मानवीय मनो-सामाजिक सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। साथ ही कारागार से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं मनो-सामाजिक देखभाल के प्रति संवेदनशील और सक्षम बनाने में भी केंद्र की भूमिका रहेगी।