– शारदीय नवरात्र को लेकर हमारा पूरा प्रयास है कि सभी श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के सुगम दर्शन हों। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परंपरागत तैयारियों के साथ ही भक्तों की जरूरत के हिसाब से आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी -पवन कुमार गंगवार, जिलाधिकारी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र मेले को लेकर विंध्याचल धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र मेले के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बदलाव रहेगा। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार, नवरात्र में श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श पर भी रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को 24 घंटे में करीब 20 घंटे दर्शन मिलेंगे, जबकि शृंगार के दौरान एक-एक घंटे के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे।
नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन और श्री विंध्य पंडा समाज की बैठक हुई। पंडा समाज ने दोपहर दो बजे से वीआईपी श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति देने का अनुरोध किया, जिससे आम श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके। प्रशासन ने इस पर सहमति जताई। अधिकारियों को आठ अक्टूबर तक मेला क्षेत्र की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।मंदिर में रंगाई-पुताई के साथ सफाई और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन फ्लोटिंग बैरिकेडिंग कराने की तैयारी में है। नौका संचालन के दौरान सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य किया गया है।
हालांकि मेले से पहले प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति चिंता बढ़ा रही है। अखाड़ा घाट जाने वाले रास्ते पर सड़क क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गिट्टियां, खराब नालियां और कीचड़ श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा रहे हैं। गुलाबी पत्थरों वाले नवनिर्मित घाट पर भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से सिल्ट जमा है और आसपास अतिक्रमण है। रेलवे स्टेशन रोड का चौड़ीकरण करीब तीन वर्षों से चल रहा है। सड़क पर गिट्टियां पड़ी हैं और सीवर लाइन की मरम्मत भी जारी है। ऐसे में मेले के दौरान जाम और दुर्घटना की आशंका है। संबंधित विभाग के एक्सईएन ने बैठक में चार अक्टूबर तक काम पूरा कराने का भरोसा दिया है।