वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने इंडिया गठबंधन में फूट के सत्ता पक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन के घटक दलों के बीच लोकतांत्रिक तरीके से विचार-विमर्श को फूट नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दलों की अपनी राय हो सकती है, लेकिन जनहित के मुद्दों पर विपक्षी दल एकजुट होकर अपनी बात रख रहे हैं।
सुनील सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और लोकदल समेत गठबंधन के सहयोगी दलों की प्राथमिकता किसानों, युवाओं, रोजगार, महंगाई और आम जनता से जुड़े मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर विभिन्न विषयों पर चर्चा और मत-विमर्श लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे राजनीतिक मतभेद या बिखराव के रूप में देखना उचित नहीं है। लोकदल अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष से इंडिया गठबंधन की चिंता करने के बजाय किसानों, युवाओं, रोजगार, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों का जवाब जनता के सामने रखने को कहा। उनके मुताबिक गठबंधन के घटक दल आपसी संवाद और समन्वय के जरिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में फूट का दावा करने वालों को आने वाले समय में जनता के बीच से जवाब मिलेगा। विपक्ष का ध्यान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय किसानों, युवाओं, गरीबों और आम जनता के अधिकारों से जुड़े सवालों पर है।
सुनील सिंह ने कहा कि गठबंधन के भीतर संवाद उसकी ताकत है, कमजोरी नहीं। उन्होंने कहा कि लोकदल उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता और आपसी समन्वय को मजबूत करने के लिए अपने स्तर पर प्रयास जारी रखेगा।