वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। गांधी जयंती के अवसर पर मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत सभी 75 जिलों में करीब 42 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और 150 जिला व अन्य राजकीय चिकित्सालयों से जुड़े भोजनालयों और कैंटीनों का निरीक्षण किया गया।
एफएसडीए की टीमों ने रसोई से मरीज की थाली तक भोजन की पूरी प्रक्रिया को खाद्य सुरक्षा मानकों पर परखा। निरीक्षण में रसोई की स्वच्छता, कच्चे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण एवं संरक्षण, भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पेयजल, बर्तन और उपकरणों की साफ-सफाई की जांच की गई। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल, जल निकासी, अपशिष्ट निस्तारण तथा तैयार भोजन के परिवहन और वितरण की व्यवस्था भी देखी गई। अभियान के दौरान कई अस्पतालों में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि कुछ स्थानों पर सुधार की जरूरत सामने आई। कुछ रसोई और खाद्य भंडारण क्षेत्रों में अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। कहीं ड्रेनेज लीकेज तो कहीं आधारभूत ढांचे से जुड़ी कमियां पाई गईं। कुछ स्थानों पर पेस्ट कंट्रोल की आवश्यकता भी सामने आई।
विभाग ने संबंधित अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक या निदेशक को कमियों की जानकारी देते हुए सुधार के लिए 14 दिन का समय दिया है। इसके बाद फॉलो-अप निरीक्षण किया जाएगा। अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता का लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार यदि किसी रसोई में आवश्यक मरम्मत या आधारभूत सुधार दो सप्ताह में संभव नहीं है तो मरीजों को भोजन की आपूर्ति प्रभावित किए बिना वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। जरूरत पड़ने पर भोजन तैयार करने का काम सुरक्षित और स्वच्छ वैकल्पिक परिसर में स्थानांतरित किया जा सकेगा।