वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रतिभा अब अमेरिका की नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक का पाठ पढ़ाएगी। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को वर्ष 2026-27 के लिए प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस कार्यक्रम के तहत अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज, सैलिसबरी, नॉर्थ कैरोलिना में आमंत्रित किया गया है। वह मई 2027 तक दो अकादमिक सेमेस्टर में शैक्षणिक और अकादमिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
सीएम योगी के विजन से फॉरेंसिक साइंस को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस प्रदेश में आधुनिक फॉरेंसिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड और डेटा आधारित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन चुका है।
डॉ. दुबे अमेरिकी विद्यार्थियों को गणित के साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग की जानकारी देंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन जैसी उभरती तकनीकों पर भी उनका फोकस रहेगा।
यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि डॉ. दुबे का चयन उत्तर प्रदेश की अकादमिक और तकनीकी क्षमता को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। इससे भारत-अमेरिका के बीच गणित, डेटा एनालिटिक्स, एआई, साइबर सिक्योरिटी और उभरती तकनीकों में शोध सहयोग के नए अवसर बनेंगे।
डॉ. दुबे के पास 19 वर्षों से अधिक का अकादमिक अनुभव है। उन्होंने गणित में पीएचडी की है और 40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट तथा चार पुस्तकें प्रकाशित की हैं। उनके निर्देशन में छह शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं। यह उपलब्धि यूपी में फॉरेंसिक साइंस को आधुनिक तकनीक और वैश्विक अकादमिक सहयोग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।