वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। चैत्र नवरात्र के सप्तमी दिवस पर बुधवार को काशी में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। प्रधान पुजारी ने बताया कि सप्तमी तिथि मां भवानी गौरी को समर्पित होती है, जिसे श्रद्धालु विशेष भक्ति भाव से मनाते हैं।
इसी क्रम में श्री विश्वेश्वर का पूजन कर उन्हें साक्षी मानते हुए मां के लिए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित की गई। मंदिर के शास्त्रियों द्वारा विधिपूर्वक पूजन के बाद यह सामग्री शक्तिपीठ माता विशालाक्षी को समर्पित की गई। इस परंपरा के तहत नवरात्र के शेष दिनों में भी मां गौरी के विभिन्न स्वरूपों के लिए निर्धारित तिथियों के अनुसार वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाएगी।
प्रधान पुजारी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया सनातन परंपरा के अनुसार श्री विश्वेश्वर को अवलोकित कराकर ही संपन्न की जाती है, जिसके बाद मां को उपहार स्वरूप सामग्री अर्पित की जाती है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। नवरात्र के दौरान काशी का धार्मिक वातावरण और अधिक आध्यात्मिक हो गया है। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और पूरे क्षेत्र में भक्ति व श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। यह आयोजन काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और आस्था का जीवंत उदाहरण है।