वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। होली के अवसर पर राजधानी रंग, गुलाल और फाग गीतों से सराबोर हो उठी। पुराने लखनऊ के चौक क्षेत्र से बुधवार को परंपरागत होरियारों का ऐतिहासिक जुलूस धूमधाम से निकला, जिसने गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश की। करीब 70 वर्षों से लगातार निकल रहा यह जुलूस रंगों और सौहार्द का प्रतीक बन चुका है।
जुलूस की शुरुआत चौक स्थित कोनेश्वर मंदिर से हुई। घोड़े, ऊंट, बग्घी, रथ और खच्चरों पर सवार होरियारों की टोली ने टेसू के फूलों से बने रंग उड़ाते हुए लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। हवा में उड़ते गुलाल से आसमान इंद्रधनुषी रंगों में रंग गया। जुलूस पं. अमृत लाल नागर चौक, कमला नेहरू मार्ग, मेडिकल क्रॉसिंग, विक्टोरिया स्ट्रीट, मेफेयर तिराहा, अकबरी गेट, तहसीन मस्जिद, गोटा बाजार और चौक सर्राफा होते हुए पुनः पं. अमृत लाल नागर चौक पर संपन्न हुआ। जुलूस का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, संयोजक अनुराग मिश्रा, डॉ. राजकुमार वर्मा, ओम प्रकाश दीक्षित, अमित टंडन और राज बाबू रस्तोगी समेत अन्य वरिष्ठजनों ने किया। इस अवसर पर दिनेश शर्मा, बृजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा, महापौर सुषमा खर्कवाल और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने पद्म विभूषण अमृत लाल नागर और पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर होली की शुभकामनाएं दीं।
जुलूस के दौरान फाग गायकों की टोलियों ने माहौल को उत्सवमय बनाए रखा। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर सौहार्द का संदेश दिया। समापन पर ‘होरियारा सम्मान’ के तहत आकर्षक वेशभूषा के लिए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। देर रात तक चले इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने होली मिलन शिविर लगाकर लोगों को ठंडाई और शरबत पिलाया।