वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले में बड़े पैमाने पर बोगस वोटरों का खुलासा हुआ है। सत्यापन अभियान के दौरान अब तक 5.78 लाख फर्जी या निष्क्रिय मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इनमें 1.26 लाख मृतक मतदाता, 66 हजार डुप्लिकेट प्रविष्टियां, करीब एक लाख ऐसे मतदाता शामिल हैं जो वर्तमान पते पर पाए ही नहीं गए और लगभग 2.5 लाख ऐसे मतदाता हैं जो अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार कई वर्षों से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन न होने के कारण बोगस वोटरों की संख्या 17 फीसदी तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में एसआईआर के तहत फॉर्म भरकर जमा करने और पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय की गई है। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 95.5 फीसदी मतदाताओं से फॉर्म एकत्र कर लिया गया है। इसमें शहरी क्षेत्र में 93.25 फीसदी और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम 89 फीसदी फॉर्म प्राप्त हुए हैं। पिछले सप्ताह तक फॉर्मों के विवरण का डिजिटलाइजेशन भी लगभग पूरा हो गया है।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि सत्यापन के दौरान सामने आए सभी संदिग्ध और बोगस मतदाताओं की दोबारा जांच कराई जा रही है, ताकि किसी का नाम गलत तरीके से न हटे और कोई वास्तविक मतदाता छूट भी न जाए। यह भी जांच की जा रही है कि किसी वार्ड या गांव में बड़ी संख्या में नाम एक साथ तो गायब नहीं हुए हैं। डीएम ने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक गणना प्रपत्र नहीं भरा है, वे तुरंत अपने बीएलओ से संपर्क करें। फॉर्म जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएगा। निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि 11 दिसंबर तक सभी वास्तविक मतदाताओं का सत्यापन पूरा कर अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची जारी की जा सके।