वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ और आसपास के ईसाई समुदाय में क्रिसमस को लेकर उत्साह चरम पर है। 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व की तैयारियां चर्चों और समुदायों में शुरू हो चुकी हैं। इस वर्ष क्रिसमस का आध्यात्मिक काल ‘एडवेंट’ 30 नवंबर से आरंभ हुआ, जो चार सप्ताह की प्रार्थनापूर्ण तैयारी का समय माना जाता है। बेथलहम में प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व लोगों के मन में विशेष श्रद्धा और आनंद लेकर आता है।
रेवरेंड डॉ. डोनाल्ड एच.आर. डी सूजा, चांसलर एवं प्रवक्ता, लखनऊ काथलिक धर्मप्रांत.ने बताया कि शहर के प्रमुख सेंट जोसेफ कैथेड्रल, हजरतगंज में 24 दिसंबर की रात 10.30 बजे क्रिसमस कैरल और पवित्र मिस्सा का आयोजन होगा, जिसकी अगुवाई लखनऊ के बिशप जेराल्ड जॉन मथियस करेंगे। मध्यरात्रि मिस्सा सहित 25 दिसंबर को दिनभर प्रार्थना सभाएं चलेंगी। कैथेड्रल परिसर को क्रिसमस लाइट्स, क्रिब और सितारों से सजाया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी लगभग 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के चर्च और माता मरियम के ग्रोटो में प्रार्थना करने पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा 26 दिसंबर को शाम 4.30 बजे शहर के प्रमुख नागरिकों और धार्मिक नेताओं के लिए क्रिसमस गेट-टूगेदर आयोजित किया जाएगा। अपने संदेश में बिशप जेराल्ड मथियस ने कहा कि क्रिसमस शांति और आनंद का पर्व है तथा समाज को इसके आध्यात्मिक संदेश को समझते हुए उत्सव का व्यावसायीकरण करने से बचना चाहिए।