वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
आगरा / लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि संविधान पीडीए समाज के लिए किस्मत की किताब है, जिसने उन्हें हक और अधिकार दिलाए। यह किस्मत की किताब न होती तो हम लोगों को न जाने किस-किस परिस्थिति का सामना करना पड़ता। सभी लोगों ने देखा है कि वर्चस्ववादी और ताकतवर लोगों ने कई बार पीडीए के लोगों का अपमान किया है। आगरा में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अगर संविधान न होता तो वर्चस्ववादी ताकतों के चलते पीडीए समाज को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार इस समाज का अपमान किया गया है, यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की घटना भी सामने आई। उन्होंने एसआईआर को लेकर कहा कि सभी लोग वोट जोड़ने और कटने से बचाने में जुटे हैं। श्री यादव ने भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारतीय संविधान का महान शिल्पकार और सामाजिक न्याय का अग्रदूत बताते हुए उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि एक्स पोस्ट पर देते हुए कहा है कि उनका संघर्ष एवं चिंतन भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की नीव है।
प्रदेश भर में समाजवादी पार्टी ने डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सपा मुख्यालय लखनऊ में पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जबकि हजरतगंज में प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने श्रद्धांजलि दी। अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा कि बाबा साहब का संघर्ष भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सपा के कार्यक्रम की अनुमति न देकर पीडीए समाज का अपमान किया है। इस अवसर पर अरविन्द कुमार सिंह पूर्व सांसद, गौरव रावत विधायक, रामआसरे विश्वकर्मा पूर्व मंत्री, आशा किशोर पूर्व विधायक, कृष्ण कन्हैया पाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी अधिवक्ता सभा, रामकरन निर्मल प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी लोहिया वाहिनी, सीएल वर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष, सुधीश यादव मुन्ना भइया, फ़क़ीर सिद्दीक़ी आदि मौजूद रहे।
मलिहाबाद के काकोरी ब्लॉक में भी श्रद्धांजलि सभाएँ हुईं, जहाँ लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा और एसआईआर के तहत वोट बढ़ाने का संकल्प लिया। कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में भाग लिया।