वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में विभाग ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर लागू कराने में सतत् प्रयास कर रहा है। प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता कतई न बरती जाए और योजनाओं की गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मनरेगा के संचालन में महिला सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 31,234 महिला मेटों को कार्य पर लगाया जा चुका है। दिव्यांग जॉब कार्ड धारकों को अधिकतम सुविधाजनक कार्य आवंटित करने की नीति के तहत 16,896 दिव्यांगजन को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके साथ ही व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्य भी मनरेगा दिशा-निर्देशों के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में करवाने का निर्देश दिया गया है।
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जीएस प्रियदर्शी के मार्गदर्शन में योजनान्तर्गत मानव दिवस सृजन, 100 दिवस रोजगार, अमृत सरोवरों की देखभाल, सोशल ऑडिट, कृषि आधारित कार्य, फील्ड निरीक्षण और भुगतान की समयबद्धता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश जिलास्तरीय अधिकारियों को दिए गए हैं। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘वन वर्क-वन एफटीओ’ सिद्धांत में किसी भी दशा में विचलन नहीं होना चाहिए। विभाग ने सभी जनपदों को निर्देशित किया है कि जॉब कार्ड मांगने वाले श्रमिकों को प्राथमिकता के साथ कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और काम की मांग के सापेक्ष कार्य उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।