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श्रम सुधारों से बदली कानून की तस्वीर, ऑनलाइन निरीक्षण से ‘इंस्पेक्टर राज’ की विदाई: अनिल राजभर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम अधिनियमों को एकीकृत कर चार नई श्रम संहिताएं—मजदूरी संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020—लागू कर दी गई हैं। मंत्री ने बताया कि ये सुधार 21 नवंबर 2025 से पूरे देश में प्रभावी हैं और श्रम व्यवस्था को सरल, आधुनिक व पारदर्शी स्वरूप देंगे।
उन्होंने कहा कि पहले 1228 धाराएं थीं, जो अब 480 रह गई हैं, वहीं 1436 नियमों के स्थान पर केवल 351 नियम लागू होंगे। 84 रजिस्टरों को घटाकर 8 तथा 31 रिटर्न की जगह एकल रिटर्न की व्यवस्था से अनुपालन बोझ कम होगा। मंत्री ने बताया कि निरीक्षण प्रक्रिया ऑनलाइन और रैंडमाइज्ड होने से इंस्पेक्टर राज की अवधारणा खत्म होगी। प्रथम उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माने के 50% भुगतान से अनावश्यक अभियोजन से राहत मिलेगी।
वेतन भुगतान की समय सीमा अनिवार्य, त्यागपत्र या सेवा समाप्ति पर दो दिन में देय भुगतान, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन और वेज स्लिप देना अब अनिवार्य रहेगा। पहली बार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम, विशेष सचिव कुणाल सिल्कू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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