वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ/ झांसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान ने झांसी में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए पूर्व विधायक और सपा नेता दीपनारायण यादव का बचाव किया। अखिलेश ने कहा कि दीपनारायण पर 32 हजार की डकैती का झूठा मुकदमा लिखवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी न केवल भ्रष्ट है, बल्कि स्क्रैप माफिया से सांठगांठ रखने वाला भी है। अखिलेश के मुताबिक, नोएडा से स्थानांतरण के बाद जिस अधिकारी के जाने से वहां के लोगों ने राहत महसूस की थी, वही 2019 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज में सपा को हराने में सक्रिय भूमिका निभा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सिस्टम में एक ही तबके के लोग ऊपर से नीचे तक निर्णायक पदों पर काबिज हैं, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रविवार को दिया गया यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल मंचों पर वीडियो को बड़ी संख्या में साझा किया जा रहा है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज़ है। पुलिस महकमे में इसे लेकर अटकलों का दौर चलता रहा और कई अधिकारियों के नाम को लेकर कयास लगाए जाते रहे। उल्लेखनीय है कि दीपनारायण यादव के खिलाफ मोंठ थाने में डकैती, रंगदारी और अन्य संगीन धाराओं में पहले से ही नामजद रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस हाल में उनके एक समर्थक को इसी मामले में जेल भेज चुकी है। ऐसे में अखिलेश के बयान ने इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक रूप से नया मोड़ दे दिया है।