वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने वैश्विक चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के हेपेटोबिलियरी और पीडियाट्रिक हेपेटोलॉजी डिवीज़न के तीन वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने 7 से 11 नवंबर तक वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लिवर डिज़ीज़ (AASLD) की प्रतिष्ठित वार्षिक वैज्ञानिक बैठक ‘द लिवर मीटिंग 2025’ में शोध प्रस्तुत कर भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह पहली बार है जब केजीएमयू के विशेषज्ञों को इस विश्वस्तरीय मंच पर आमंत्रित किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अजय कुमार पटवा, डॉ. सुधीर कुमार वर्मा और डॉ. संजीव कुमार वर्मा शामिल रहे, जिन्होंने एसीएलएफ, लिवर-स्प्लीन स्टिफ़नेस, हेपेटिक ऑस्टियोडिस्ट्रॉफी और बाल्यावस्था में नॉन-सिरोटिक पोर्टल फ़ाइब्रोसिस से जुड़े अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनके अध्ययन न केवल भारत में लिवर रोग अनुसंधान की प्रगति को दर्शाते हैं, बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में महत्वपूर्ण योगदान भी देते हैं।
विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इस प्रस्तुति ने केजीएमयू को उभरते हुए उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग, फेलोशिप तथा संयुक्त अनुसंधान के नए अवसर खोलेगी। कुलपति और संकाय सदस्यों ने इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया।