वेब वार्ता ( न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ में 19 से 25 नवंबर 2025 तक विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर व्यापक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है। विश्व धरोहर की अवधारणा इस विचार पर आधारित है कि पृथ्वी के कुछ प्राकृतिक, सांस्कृतिक या मिश्रित स्थल संपूर्ण मानवता के लिए असाधारण महत्व रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण वैश्विक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ यूनेस्को ने 1972 में विश्व धरोहर सम्मेलन के माध्यम से ऐसे स्थलों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय दायित्व घोषित किया था। वर्तमान में दुनिया में 1223 और भारत में 44 विश्व धरोहर स्थल हैं, जिनमें वर्ष 2025 में मराठा सैन्य परिदृश्य का नया समावेश हुआ है।
संस्कृति मंत्री की प्रेरणा और संस्कृति विभाग के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य संग्रहालय व लोक कला संग्रहालय, लखनऊ में छायाचित्र प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, व्याख्यान, कठपुतली प्रदर्शन, प्रश्नोत्तरी तथा शैक्षिक भ्रमण जैसे आयोजन लोगों को धरोहर संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। 19 नवंबर को प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद अब तक लगभग 4000 दर्शक संग्रहालय का भ्रमण कर चुके हैं, जबकि 20 नवंबर को 110 छात्रों ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया। 21 नवंबर को डॉ. रहीस सिंह का ‘‘वैश्विक सभ्यता का केन्द्र: भारतीय धरोहर’’ विषयक व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा।