वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
नई दिल्ली। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 4.0 की शुरुआत 1 नवंबर से की है, जो 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह राष्ट्रव्यापी पहल दो करोड़ से अधिक पेंशनभोगियों तक डिजिटल सुविधाएं पहुँचाने और उन्हें ईज ऑफ लिविंग का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जारी है। अभियान डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस वर्ष अभियान में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके माध्यम से पेंशनभोगी केवल अपने स्मार्टफोन की सहायता से घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इससे बायोमेट्रिक उपकरणों पर निर्भरता कम होगी और प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी। अति-वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोरस्टेप सेवा को और सुदृढ़ किया गया है, ताकि उन्हें किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी मन की बात और संविधान दिवस संबोधन में ऐसी पहलों की सराहना की गई थी, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर बल दिया गया था। अभियान की प्रगति का निरीक्षण करने के लिए विभाग के निदेशक अमित शर्मा 19 और 20 नवंबर को मुरादाबाद और बरेली का दौरा करेंगे। वे विभिन्न शिविरों, बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय की समीक्षा भी करेंगे। विभाग का कहना है कि वह पेंशनभोगियों को सरल, सुलभ और डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।