– मुख्यमंत्री द्वारा 72.78 करोड़ की लागत से क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीन उच्चीकृत भवन का लोकार्पण
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 72.78 करोड़ रुपये की लागत से बने क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उच्चीकृत भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से जांच प्रक्रिया और तकनीकी क्षमताओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि नई लैब में डाटा स्टोरेज विश्लेषण, आवाज पहचान, विस्फोटक व आग्नेयास्त्र जांच, झूठ पकड़ने की तकनीक सहित आधुनिक फॉरेन्सिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए यह प्रयोगशाला बड़ी सौगात है। वर्ष 2024 में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों में गंभीर अपराधों में अनिवार्य फॉरेन्सिक साक्ष्य की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने पूर्व तैयारी कर ली थी। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य में केवल चार फॉरेन्सिक लैब थीं, लेकिन सरकार के प्रयासों से इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है और छह और प्रयोगशालाएँ निर्माणाधीन हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक जनपद में साक्ष्य जुटाने के लिए मोबाइल फॉरेन्सिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अपराध के कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य प्राप्त किए जा सकेंगे। गोरखपुर की अपग्रेडेड लैब में डीएनए परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है, जो जांच की गति और गुणवत्ता को बढ़ाएगी। उन्होंने इसे आधुनिक पुलिसिंग के लिए गेम चेंजर बताया।
मुख्यमंत्री ने फॉरेन्सिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन्सिक साइंसेज का भी उल्लेख किया, जहां एआई, ड्रोन, रोबोटिक्स और एडवांस डीएनए डायग्नोस्टिक की विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक मंडल में अत्याधुनिक फॉरेन्सिक लैब स्थापित करना और साइबर फॉरेन्सिक को वैश्विक मानकों तक पहुंचाना है।