वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून को लेकर सियासी हलचल तेज कर दी है। कटिहार में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी तो केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) अधिनियम को “कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।” तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा का असली नाम भारत जलाओ पार्टी होना चाहिए।” तेजस्वी ने कहा कि केंद्र का यह कानून मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन करता है और उनकी सरकार आने पर इसे खत्म कर दिया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 20 साल पुराने शासन से जनता ऊब चुकी है। “मुख्यमंत्री अब होश में नहीं हैं, हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है,” तेजस्वी ने आरोप लगाया। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के विकास का वादा करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर सीमांचल विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इस क्षेत्र में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जैसे जिले आते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। तेजस्वी ने पेंशन योजना को लेकर भी नीतीश सरकार पर हमला बोला और कहा कि “हमने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का वादा किया था, अब सरकार ने हमारी नकल की है। हमारी सरकार बनी तो पेंशन दो हजार रुपये प्रति माह कर दी जाएगी।”
गौरतलब है कि इससे पहले राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने भी कहा था कि तेजस्वी मुख्यमंत्री बने तो सभी विवादित बिल, जिनमें वक्फ अधिनियम भी शामिल है, फाड़ दिए जाएंगे। भाजपा ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए सवाल उठाया कि कोई मुख्यमंत्री केंद्र के पारित कानून को कैसे रद्द कर सकता है। वक्फ (संशोधन) अधिनियम, जिसे केंद्र सरकार ने अप्रैल में पारित किया था, को लेकर सियासत अब चरम पर पहुंच गई है।