वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश और रूस के बीच रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने की। इसमें रूसी व्यापार आयुक्त कार्यालय (दिल्ली), इंडिया-रशिया कोलैबोरेशन चैंबर के अध्यक्ष, इन्वेस्ट यूपी रूस डेस्क और एसोचैम उत्तर प्रदेश चैप्टर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करना और रक्षा निर्माण क्षेत्र में द्विपक्षीय निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना था।
बैठक में भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ पहल के अंतर्गत रणनीतिक साझेदारी, तकनीकी हस्तांतरण और एयरोस्पेस इकोसिस्टम के विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने नवाचार और निर्माण उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त उद्यमों एवं सहयोगी मंचों की स्थापना में गहरी रुचि व्यक्त की।
शशांक चौधरी ने बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक रियायतें प्रदान की हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत एफडीआई, एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन मिलते हैं। इनमें अग्रिम भूमि लागत पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क माफी और 33 से अधिक निवेशक-अनुकूल सेक्टोरल नीतियों तक पहुंच शामिल है, जो अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर व्यापार सुगमता को बढ़ावा देती हैं। इस बैठक को भारत–रूस संबंधों को रक्षा एवं एयरोस्पेस निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग को सशक्त बनाएगा।