वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को व्यापक स्तर पर मजबूत कर खाद्य प्रसंस्करण विभाग से जोड़ते हुए पात्र समूहों को सब्सिडी का लाभ दिलाया जाए। वर्तमान में आठ हजार समूहों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ दिया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर शाम 7 कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि नए समूहों के गठन की प्रक्रिया युद्धस्तर पर आगे बढ़ाई जाए और निष्क्रिय समूहों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने रिवॉल्विंग फंड की लंबित धनराशि 31 दिसंबर तक प्रत्येक स्थिति में जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मानव दिवस सृजन, मनरेगा मजदूरों के समय पर भुगतान और अमृत सरोवर निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। मौर्य ने कहा कि जिला और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों के कार्यों में तेजी लाई जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वालों का मानदेय रोका जाए। उन्होंने सभी मिशन अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए।
मनरेगा में इस वर्ष 16.76 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जबकि 97 प्रतिशत भुगतान समय पर किया गया। राज्य में अब तक 19,110 अमृत सरोवरों का निर्माण कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया गया है। मौर्य ने इन सरोवरों के रखरखाव के लिए भी समुचित योजना बनाने को कहा। बैठक में महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल0 वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, आयुक्त जी एस प्रियदर्शी, विशेष सचिव जयनाथ यादव, निदेशक ग्रामीण अभियंत्रण विभाग इशम सिंह, अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप डुली , संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जन्मेजय शुक्ला, उपायुक्त मनरेगा चंद्रशेखर ,सहायक आयुक्त विनायक सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।