वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर सिंचाई विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नलकूपों से पानी का दुरुपयोग रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जल संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु जल संरक्षण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने सरयू नहर, बाण सागर और मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की कमियों को दूर करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। उन्होंने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने को कहा और निर्देश दिया कि जलाशयों को डीसिल्ट कर पुनर्जीवित किया जाए। इसके साथ ही कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।