वेब वार्ता ( न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बरेली। बरेली में पिछले शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन ने मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबियों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाया। नगर निगम की जमीन पर बने अवैध गोदामों को ढहा दिया गया, जिनका संबंध समाजवादी पार्टी के सभासद ओमान मिर्जा से भी बताया जा रहा है।
हिंसा की घटनाओं को लेकर योगी सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि कट्टरपंथ, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ उसका जीरो टॉलरेंस जारी रहेगा। बरेली में हुई घटना के बाद रात भर हाउस-टू-हाउस सर्च ऑपरेशन चला और 500 से अधिक संदिग्धों की पहचान की गई। मौलाना तौकीर रजा खान को गिरफ्तार कर लिया गया। 26 सितंबर को उनके नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव हुआ था, जिसमें लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां हुईं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। इसके बाद पड़ोसी जिलों रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बदायूं, संभल, बिजनौर और अमरोहा में हाई अलर्ट घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ और बलरामपुर में अपने संबोधन में कहा कि दंगा करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इससे सबक लें। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति सिस्टम को बंधक बनाने की कोशिश न करे। योगी ने ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद को लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण जैसी गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि इन पर पूरी तरह से रोक लगाना जरूरी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन से बरेली की स्थिति नियंत्रण में आ गई है और शहर में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।