वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देशभर में वोट चोरी के सनसनीखेज खुलासे के बाद चुनाव आयोग की चुप्पी पर लोकदल ने तीखा हमला बोला है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा है कि यह मामला केवल चुनावी धांधली नहीं बल्कि जनता की आंखों के सामने भारत के लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में लोकतंत्र को खुलेआम लूटा जा रहा है और चुनाव आयोग इस पर मौन रहकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से भाग रहा है।
सुनील सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र का प्रहरी कहा जाता है, लेकिन आज वही संस्था सत्ता के दबाव में गूंगी और अंधी बनी बैठी है। उन्होंने मांग की कि यदि चुनाव आयोग की रीढ़ अभी भी बची है तो उसे तुरंत इस कथित वोट चोरी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करानी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और जनता का विश्वास बहाल हो।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई तकनीकी गलती या साधारण त्रुटि नहीं बल्कि एक संगठित अपराध है। इसमें शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद करना बेमानी होगा।
सुनील सिंह ने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग की चुप्पी सत्ता की मिलीभगत का प्रमाण है। यदि इस वोट चोरी को नहीं रोका गया तो देश की जनता का विश्वास चुनावी प्रक्रिया से उठ जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाया जाए, अन्यथा जनता का विश्वास खोना तय है।