– यह आयोजन पर्यटन विकास की एक नई यात्रा की शुरुआत करेगा।
– एक्सपो में एमएसएमई और ओडीओपी जैसे स्थानीय उद्योगों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार।
नई दिल्ली/ लखनऊ। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित आवास पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को दिसंबर में होने वाले इस भव्य आयोजन की पूरी जानकारी दी और उन्हें औपचारिक रूप से एक्सपो का उद्घाटन करने का निमंत्रण दिया, जिसे मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल के साथ आईआईए की राष्ट्रीय पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी कमेटी के चेयरमैन राहुल मेहता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विशारद गौतम और जयपुर से गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे। वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने आईआईए के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन सरकार और उद्यमियों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। उद्योग जगत की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाकर उनके समाधान में जो भूमिका आईआईए निभा रहा है, वह सराहनीय है।
मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत में पर्यटन के क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं और वाराणसी इसका प्रमुख केंद्र है। वाराणसी न केवल विश्व की सबसे प्राचीन जीवंत नगरी है, बल्कि देश की सांस्कृतिक राजधानी भी है। साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण विशेष महत्व रखती है। केंद्र और राज्य सरकार पर्यटन और संस्कृति को लेकर वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में लगातार कार्य कर रही हैं।
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि यह एक्सपो भारत में पर्यटन उद्योग को गति देने का कार्य करेगा। इसमें निवेश, रोजगार सृजन और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी। आगंतुकों को ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और रोमांचक पर्यटक स्थलों से संबंधित विस्तृत जानकारी मिलेगी।
राष्ट्रीय टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी कमेटी के चेयरमैन राहुल मेहता ने केंद्रीय मंत्री को एक्सपो की पूरी थीम और स्वरूप से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वाराणसी की सांस्कृतिक धरोहर को इस आयोजन का केंद्र बनाया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले उद्यमियों, टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ-साथ विशेष विदेशी अतिथियों को भी आकर्षित करने के लिए काशी की संस्कृति और पर्यटन की झलक एक्सपो में प्रस्तुत की जाएगी। इस आयोजन से पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे और वाराणसी की वैश्विक पहचान और भी सशक्त होगी।