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उत्तर प्रदेश में बाल कुपोषण के विरुद्ध “संभव”

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गंभीर कुपोषण के उन्मूलन हेतु संचालित राज्यव्यापी संभव अभियान के पाँचवें संस्करण संभव 5.0 (2025) का भव्य शुभारंभ रेनेसॉ होटल लखनऊ में किया गया। महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आयोजित इस आयोजन में प्रदेश में बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के संकल्प को और प्रबल किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश की कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य एवं राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव लीना जौहरी, सचिव श्रीमती बी. चंद्रकला, यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के सीएफओ जकारी एडम, परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. दिनेश कुमार एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक सरनीत कौर ब्रोका आदि की उपस्थिति रही।
बताते चलें कि संभव अभियान, जिसकी शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी, अब तक चार सफल संस्करणों में समयबद्ध सुधार, नवाचार आधारित हस्तक्षेप, और विभागीय समन्वय के माध्यम से राज्य में बाल पोषण को लेकर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर चुका है। संभव 5.0 का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करना, ’छह माह, सात बार’ रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करना, और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पोषण की नियमित निगरानी करना है। यह चरणबद्ध प्रयास जुलाई से सितंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक माह को एक समर्पित थीम दी गई है। जुलाई में मातृ पोषण, अगस्त में 0-6 माह के शिशुओं पर विशेष ध्यान, और सितंबर में ऊपरी आहार एवं पोषण माह।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के शीर्ष पाँच जिलों एवं आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ल ने कहा कि ’कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे-यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, हमारा साझा संकल्प है।’
कार्यक्रम के अंत में ।ेीवां न्दपअमतेपजल एवं न्च्ज्ैन् द्वारा विकसित पूरक आहार और वृद्धि निगरानी पर आधारित शैक्षणिक वीडियो तथा यूनिसेफ द्वारा तैयार की गई 12-पृष्ठीय उपयोगी पुस्तिका का लोकार्पण किया गया। संभव 5.0 न केवल एक प्रशासनिक पहल है, बल्कि यह मातृ एवं बाल पोषण को लेकर उत्तर प्रदेश की जन-नीति में एक स्थायी और सशक्त परिवर्तन की दिशा में निर्णायक कदम है।

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