– मेरी तो इच्छा ये है कि मैं पूरे प्रदेश में रात-दिन मेहनत कर कार्यकर्ताओं को साथ लेकर मायावती को सीएम बनाऊं। यही मेरा लक्ष्य भी है : विश्वनाथ पाल
– बसपा ने हमेशा वंचित और पिछड़े समाज को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है : विश्वनाथ पाल
– विश्वनाथ पाल ने सपा, आजाद समाज पार्टी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा
– सपा का पीडीए असल में ‘परिवार दल अलायंस’ है
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लगातार दूसरी बार अध्यक्ष मनोनीत किए गए विश्वनाथ पाल ने कहा है कि अगर मायावती न होतीं तो पूजा पाल कभी विधायक नहीं बन पातीं। उन्होंने यह बयान रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया। बसपा प्रदेशाध्यक्ष ने सपा, आजाद समाज पार्टी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि दलित-पिछड़े समाज को गुमराह करने के लिए बार-बार साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन अब जनता सब समझ चुकी है।
पूजा पाल के मुद्दे पर विश्वनाथ पाल ने कहा कि राजू पाल की हत्या के बाद हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती तुरंत इलाहाबाद पहुंचीं। पहली बार उनकी आंखों में आंसू दिखे। पूजा पाल को गले से लगाते हुए उन्होंने कहा कि बेटी तुम चिंता मत करो। फिर उपचुनाव लड़ाया, लेकिन सपा की सरकार में वो हार गईं। फिर चुनाव आया, तो पूजा पाल को लड़ाया और पैसा भी दिया।
विश्वनाथ पाल ने कहा कि 2007 में जब यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी, तब कार्यकर्ताओं ने नारा दिया था कि “यूपी हुई हमारी, अब दिल्ली की बारी है।” इसी के बाद बसपा को कमजोर करने की कोशिशें शुरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के समाज को बांटने के लिए कई राजनीतिक दल तैयार किए गए। पूजा पाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब राजू पाल विधायक बने थे, तब सपा की सरकार थी। उस समय 11 सीटों पर उपचुनाव हुए, जिनमें बसपा ने दो सीटें जीतीं। राजू पाल और मुकुल उपाध्याय की जीत सपा को रास नहीं आई। सत्ता में रहते हुए सपा के नेताओं ने दिनदहाड़े राजू पाल की हत्या करवा दी। इसके बाद मायावती ने ही प्रयास किया कि पूजा पाल चुनाव जीतकर विधायक बनें। हाल ही में वायरल हुए वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने चंद्रशेखर को गले लगाकर ‘हमारा हनुमान’ कहा। सवाल उठता है कि जब यह बोला गया तो उन्होंने प्रतिवाद क्यों नहीं किया? जनता सब देख रही है कि किसे किसके खिलाफ तैयार किया जा रहा है।
सपा पर निशाना साधते हुए विश्वनाथ पाल ने कहा कि 2024 में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का नारा देने के बावजूद समाजवादी पार्टी ने किसी पिछड़े, दलित या अल्पसंख्यक को लोकसभा में नेता विपक्ष क्यों नहीं बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का पीडीए असल में ‘परिवार दल अलायंस’ है। टिकट वितरण से लेकर नेतृत्व तक सब कुछ यादव परिवार के इर्द-गिर्द सीमित है। आजमगढ़ से हमेशा परिवार के लोगों को ही प्रत्याशी बनाया गया, जबकि बसपा ने 1989 में वहीं से रामकृष्ण यादव को सांसद बनाया था।
उन्होंने कहा कि बसपा ने पाल समाज से कई नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाया, पहले भागवत पाल, दयाराम पाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। 3 साल मैं विश्वनाथ पाल अध्यक्ष हूं। दोबारा फिर मौका दिया है। जबकि सपा ने केवल वोटिंग से पहले की मजबूरी में यह कदम उठाया। विश्वनाथ पाल ने दोहराया कि बसपा ने हमेशा वंचित और पिछड़े समाज को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है।